1जब सनबल्लट, टोबीयाह, अरबी गेशेम और हमारे अन्य विरोधियों को यह मालूम हुआ कि मैंने दीवार फिर से उठवा दी है और अब उस में दरार नहीं रह गयी है (यद्यपि मैंने अब तक फाटकों के किवाड़ नहीं लगाये थे) , 2तो सनबल्लट और गेशेम, दोनों ने मेरे पास यह कहला भेजा, "आइए, हम ओनो के मैदान के फ़िरीम गाँव में मिलें"। लेकिन वे मेरा बुरा करने के लिए षड़यन्त्र रच रहे थे; 3इसलिए मैंने दूतों से उन्हें यह कहला भेजा, "मैं एक बड़ी योजना में व्यस्त हूँ। मैं नहीं आ सकता। यदि मैं काम छोड़ कर आपके पास आऊँ, तो वह बन्द हो जायेगा।" 4उन्होंने इस तरह मुझ से चार बार कहलवाया। परन्तु मैंने हर बार एक ही उत्तर दिया। 5अब सनबल्लट ने पाँचवीं बार उसी सन्देश के साथ मेरे पास अपना एक दूत भेजा। उसके हाथ में एक खुली चिट्ठी थी। 6उस में लिखा थाः "लोगो में यह अफ़वाह है और गेशेम का भी कहना है कि आप और यहूदी लोग राजद्रोह करने की सोच रहे हैं और इसीलिए आप दीवार उठा रहे हैं। इस अफ़वाह के अनुसार आप उनके राजा भी होना चाहते हैं। 7और यह भी कहा जाता है कि आप येरूसालेम में अपने को ही यूदा का राजा घोषित करवाने के लिए नबी नियुक्त कर चुके हैं। ये बातें राजा को निश्चय ही मालूम हो जायेंगी। इसलिए आप आइए, जिससे हम आपस में विचार कर लें।" 8परन्तु मैंने उस से कहलवाया, "आप जो बातें कहते हैं, वे निराधार हैं। वे आपके ही दिमाग की उपज हैं।" 9वे सब हमें डराना चाहते थे और कहते थे, "काम करते-करते उनके हाथ शिथिल पड़ जायेंगे और यह काम पूरा नहीं होगा।" परन्तु मैंने प्रार्थना की, "ईश्वर! तू मेरे हाथ सुदृढ़ कर"। 10मैं किसी दिन महेटबएल के पौत्र, दलाया के पुत्र शमाया के घर गया। वह उस समय अपने घर में बन्द पड़ा था। उसने मुझ से कहा, "हम ईश्वर के मन्दिर के भीतरी भाग में मिलें और मन्दिर के दरवाजे़ भीतर से बन्दर कर लें, क्योंकि वे आपका वध करने आयेंगे। वे रात ही में आपका वध करने आयेंगे।" 11लेकिन मैंने कहा, "क्या मुझ जैसे आदमी के लिए भागना उचित है और मुझ-जैसे आदमी को अपने प्राण बचाने के लिए मन्दिर के भीतर जाना चाहिए? मैं भीतर नहीं जाऊँगा।" 12मुझे मालूम था कि उसे ईश्वर ने नहीं भेजा है। वह मुझ से ऐसा इसलिए कह रहा था कि टोबीयाह और सनबल्लट ने उसे ख़रीद लिया था। 13वह इसलिए ख़रीदा गया था कि वह मुझे डराये और मन्दिर में प्रवेश कर पाप करूँ। इसके बाद वे इसकी चरचा करते हुए मुझे बदनाम करना चाहते थे। 14मेरे ईश्वर! टोबीयाह और सनबल्लट को उनके कुकर्मों के कारण याद कर और नबिया नोअद्या और अन्य नबियों को भी, जो मुझे डराना चाहते थे। 15एलूल मास के पच्चीसवें दिन, अर्थात् बावन दिन में, दीवार बन कर तैयार हो गयी। 16जैसे ही हमारे सब विरोधियों ने यह सुना, हमारे आसपास के सभी लोग भयभीत हो उठे और अपने आप को छोटा समझने लगे। वे यह जान गये कि हमारे ईश्वर की सहायता से ही यह कार्य सम्पन्न हुआ है। 17इन्हीं दिनों यूदा के कुलीन लोगों ने टोबीयाह के पास कई चिट्ठियाँ भेजीं और टोबीयाह के भी पत्र उन्हें मिले। 18कारण यह था कि यूदा के बहुत-से लोगों ने शपथ खा कर टोबीयाह की सहायता करने की प्रतिज्ञा की थी; क्योंकि वह आरह के पुत्र शकन्या का दामाद था और उसके पुत्र योहानान ने बेरेक्या के पुत्र मशुल्लाम की पुत्री से विवाह किया था। 19वे मेरे सामने उसके गुणों का उल्लेख करते और बाद में उस को बताते थे कि मैंने क्या-क्या कहा है। टोबीयाह मुझे डराने के लिए पत्र लिखता था।