पवित्र बाइबिल के वचनों पर मनन-चिंतन करते हुए प्रभु येसु के साथ क्रूस की यात्रा
अगुवा: पिता, और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर।
सब: आमेन ।
प्रस्तावना: हम सबों के जीवन में अपना-अपना क्रूस है, जिसे हमें ढोना पड़ता है। यह कोई शारीरिक बीमारी हो सकती है, कोई चिंता जो हमारे मन को बोझिल कर रही हो, कोई सामाजिक समस्या जो अब तक सुलझी न हो, या कोई आध्यात्मिक संघर्ष जिससे हम जूझ रहे हों। येसु ने भी अपना क्रूस ढोया। वास्तव में, उन्होंने हमारा क्रूस उठाया। जब हम इस दुःखमय मार्ग में प्रार्थना और आत्मिक भक्ति के साथ उनका अनुसरण करते हैं, तो हम उनसे बल और प्रेरणा प्राप्त करें कि हम अपने-अपने क्रूस को धैर्यपूर्वक उठा सकें।
अब, कुछ क्षणों के लिए, हम अपने मौन ह्रदय में उस विशेष व्यक्तिगत क्रूस का स्मरण करें, जिसे हमें उठाना है। हम येसु के साथ इसे उठाते हैं और आत्मा से उनके साथ कलवारी की ओर आगे बढ़ते हैं।
अगुवा: हे ख्रीस्त, हम आपकी आराधना करते हैं, और आपको धन्य मानते हैं।
सब: क्योंकि आपने अपने पवित्र क्रूस द्वारा दुनिया को बचाया है।
धर्मग्रन्थ पाठ: इसलिए ईश्वर ने उन्हें महान् बनाया और उन को वह नाम प्रदान किया, जो सब नामों में श्रेष्ठ है, जिससे ईसा का नाम सुन कर आकाश, पृथ्वी तथा अधोलोक के सब निवासी घुटने टेकें और पिता की महिमा के लिए सब लोग यह स्वीकार करें कि ईसा मसीह प्रभु हैं। (फिलिप्पियों 2:9-11)
हमारे पापों के कारण वह छेदित किया गया है। हमारे कूकर्मों के कारण वह कुचल दिया गया है। जो दण्ड वह भोगता था, उसके द्वारा हमें शान्ति मिली है और उसके घावों द्वारा हम भले-चंगे हो गये हैं। (इसायाह 53:5)अगुवा: हे प्रभु, जब मैं आपके अन्यायपूर्ण रूप से दोषी ठहराए जाने का मनन करता हूँ, तो मुझे स्मरण होता है कि आपने निर्दोष होते हुए भी मेरे अपराधों का दण्ड अपने ऊपर लिया। आज हमारे समाज में भी ऐसे लोग हैं, जो निर्दोष होते हुए भी आरोपित किए जाते हैं, कैद किए जाते हैं। कुछ गरीबों और पीड़ितों पर आज भी अत्याचार होते हैं। हे प्रभु, उन सबको आपकी सान्त्वना प्राप्त हो, जो निर्दोष होते हुए भी उत्पीड़ित किए जा रहे हैं। उनकी सहायता करने में हम आपकी सन्तान के रूप में तत्पर रहें।
मौन प्रार्थना:
अगुआ: हे प्रभु, हम पर दया कर।
सब: हम पर दया कर।
अगुवा: हम आपकी आराधना करते हैं, हे ख्रीस्त, और आपको प्रणाम करते हैं।
सब: क्योंकि अपनी पवित्र क्रूस द्वारा आपने संसार का उद्धार किया।
पाठक: "तब उन्होंने सब से कहा, 'यदि कोई मेरा अनुयायी बनना चाहता है, तो वह आत्मत्याग करे, प्रतिदिन अपना क्रूस उठाए और मेरा अनुसरण करे।'" (लूकस 9:23)
अगुआ: हे प्रभु, आपने अपने क्रूस को उठाया। आपने उसे कलवरी तक उठाया। कृपया मेरी सहायता कीजिये कि मैं भी अपने क्रूस को उठा सकूँ। मेरी सहायता कीजिये कि मैं इसे प्रतिदिन सहन कर सकूँ। मुझे यह समझने कृपा दीजिये कि क्रूस केवल तभी हल्का होता है जब मैं इसे प्रेम से उठाता हूँ। हे प्रभु, मुझे सिखाइए कि मैं हमेशा क्रूस के साथ ही आपको खोजूँ, ताकि मैं आपको या क्रूस को एक-दूसरे से अलग न कर दूँ!
मौन प्रार्थना:
अगुआ: हे प्रभु, हम पर दया करें।
सब: हे प्रभु, हम पर दया करें।
अगुआ: हे ख्रीस्त, हम आपकी आराधना करते, और आपको धन्य मानते हैं।
सब: क्योंकि आपने अपने पवित्र क्रूस द्वारा दुनिया को बचाया है।
पाठक: हमारे अपने एक महान् प्रधानयाजक हैं, अर्थात् ईश्वर के पुत्र ईसा, जो आकाश पार कर चुके हैं। इसलिए हम अपने विश्वास में सुदृढ़ रहें। हमारे प्रधानयाजक हमारी दुर्बलताओं में हम से सहानुभूति रख सकते हैं, क्योंकि पाप के अतिरिक्त अन्य सभी बातों में उनकी परीक्षा हमारी ही तरह ली गयी है। (इब्रानियों 4:14-15)
अगुआ: हे प्रभु, आपने पाप के अतिरिक्त हमारे समान सब कुछ सहा। आपने दुर्बलता का अनुभव किया। आपने क्रूस के भार को महसूस किया। आप गिर पड़े। मैं भी, हे प्रभु, अपने दुःख-मार्ग में ठोकर खाता हूँ और गिरता हूँ। कृपया मेरी सहायता कीजिये कि मैं यह समझ सकूँ कि शक्ति का अर्थ कभी न गिरना नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठने में है। आपने गिरकर मुझे यह सिखाया कि मैं भी उठूँ और जीवन अपने मार्ग पर आगे बढ़ूँ। जब मेरे पापों का बोझ मुझे दबा दे, तब आपका प्रेम मुझे उठाए और आगे बढ़ने की शक्ति दे।
मौन प्रार्थना:
अगुआ: हे प्रभु, हम पर दया कर!
सब: हे प्रभु, हम पर दया कर!
अगुआ: हे ख्रीस्त, हम आपकी आराधना करते, और आपको धन्य मानते हैं।
सब: क्योंकि आपने अपने पवित्र क्रूस द्वारा दुनिया को बचाया है।
पाठक: तब येसु ने अपने चारों ओर बैठे लोगों की ओर देखते हुए कहा, 'देखो, मेरी माता और मेरे भाई यही हैं! क्योंकि जो कोई ईश्वर की इच्छा पूरी करता है, वही मेरा भाई, बहन और माता है। (मारकूस 3:34-35) (इब्रानियों 4:14-15)
अगुआ: हे प्रभु, आपको घोर दुखों के मार्ग पर चलते हुए देखना, आपकी माता मरियम के लिए कितना कष्टदायक रहा होगा । आप वही बालक थे, जिन्हें उन्होंने जन्म दिया, जिन्हें उन्होंने स्तनपान कराया, जिन्हें उन्होंने बड़े होते देखा – आयु, ज्ञान और कृपा में बढ़ते हुए। दुःख मार्ग में अपनी माता से मिलकर आपको अवश्य ही सांत्वना मिली होगी। हे मरियम, मेरी माता, मेरे दुःख मार्ग में आप भी मेरे साथ बनी रहें।
मौन प्रार्थना:
अगुआ: हे प्रभु, हम पर दया कर!
सब: हे प्रभु, हम पर दया कर!
अगुआ: हे ख्रीस्त, हम आपकी आराधना करते, और आपको धन्य मानते हैं।
सब: क्योंकि आपने अपने पवित्र क्रूस द्वारा दुनिया को बचाया है।
पाठक: वे प्रभु को क्रूस पर चढ़ाने लिए जा रहे हैं। उन्हें भय था कि कमजोरी और थकान से कहीं येसु राह में ही दम न तोड़ दें, इसलिए उन्होंने एक राहगीर को, सिरिन के सिमोन को, जो सिकंदर और रूफस का पिता था और गाँव से आ रहा था, येसु का क्रूस उठाने के लिए बाध्य किया। (मारकुस 15:21)
अगुआ: हे प्रभु, आपने अपने क्रूस का भार सहन किया, परंतु आपकी सहायता के लिए कोई भी नहीं आया। तब सिमोन ने तेरे बोझ को उठाया, तुझे कुछ समय के लिए सुकून पहुँचाया। जब मेरे जीवन का क्रूस भारी लगे, तब मुझे भी ऐसे लोगों का सहारा मिले जो आपकी भांति प्रेम और दया से सहायता करें। मुझे भी दूसरों के क्रूस को सहन करने के लिए तैयार रखिए, ताकि मैं उनके दुःख में सहभागी बन सकूँ।
मौन प्रार्थना:
अगुआ: हे प्रभु, हम पर दया कर!
सब: हे प्रभु, हम पर दया कर!
अगुआ: हे ख्रीस्त, हम आपकी आराधना करते, और आपको धन्य मानते हैं।
सब: क्योंकि आपने अपने पवित्र क्रूस द्वारा दुनिया को बचाया है।
पाठक: वह हमारे सामने एक छोटे-से पौधे की तरह, सूखी भूमि की जड़ की तरह बढ़ा। हमने उसे देखा था; उसमें न तो सुन्दरता थी, न तेज और न कोई आकर्षण ही। वह मनुष्यों द्वारा निन्दित और तिरस्कृत था, शोक का मारा और अत्यन्त दुःखी था। लोग जिन्हें देख कर मुँह फेर लेते हैं, उनकी तरह ही वह तिरस्कृत और तुच्छ समझा जाता था। परन्तु वह हमारे ही रोगों को अपने ऊपर लेता था और हमारे ही दुःखों से लदा हुआ था और हम उसे दण्डित, ईश्वर का मारा हुआ और तिरस्कृत समझते थे। (इसायाह 52:2-3)
अगुआ: कितना साहस! कितनी सहानुभूति! कितनी करुणा! एक साधारण स्त्री वेरोनिका ने एक ह्रदय स्पर्शी काम किया। शायद भीड़ ने उसकी हँसी उड़ाई होगी, उपहास किया होगा, लेकिन उसने किसी की परवाह नहीं की। वह आगे बढ़ी और येसु के पसीने, रक्त और धूल से भरे चेहरे को, बड़े प्रेम व करुणा से पोंछा। यह एक गंदा चेहरा था, लेकिन पवित्र चेहरा था। केवल प्रेम ही उस गंदगी के पीछे की पवित्रता को देख सकता था।
हे प्रभु, मैं हर दिन कई ऐसे चेहरे देखता हूँ जो मैले-कुचैले हैं, जिनसे मैं अपनी नजरें फेर लेना चाहता हूँ। कृपया मुझे वह हृदय दीजिए जो इन फटेहाल और दीन-हीन व्यक्तियों में आपका चेहरा पहचान सके।
मौन प्रार्थना:
अगुआ: हे प्रभु, हम पर दया कर!
सब: हम पर दया कर!
अगुआ: हे ख्रीस्त, हम आपकी आराधना करते, और आपको धन्य मानते हैं।
सब: क्योंकि आपने अपने पवित्र क्रूस द्वारा दुनिया को बचाया है।
पाठक: परन्तु वह हमारे ही रोगों को अपने ऊपर लेता था और हमारे ही दुःखों से लदा हुआ था और हम उसे दण्डित, ईश्वर का मारा हुआ और तिरस्कृत समझते थे। हमारे पापों के कारण वह छेदित किया गया है। हमारे कूकर्मों के कारण वह कुचल दिया गया है। जो दण्ड वह भोगता था, उसके द्वारा हमें शान्ति मिली है और उसके घावों द्वारा हम भले-चंगे हो गये हैं। (इसायाह 53:4-5)
अगुआ: हे प्रभु, आप क्रूस के भार से दबकर दूसरी बार गिर पड़े। मैं भी अपने पापों के बोझ से गिर जाता हूँ। जब मैं गिरता हूँ, तो हताश हो जाता हूँ। लगता है कि अच्छा बनने का कोई फायदा नहीं, आपके मार्ग पर चलने का कोई अर्थ नहीं। लेकिन आपका दूसरा गिरना मुझे सिखाता है कि सब कुछ समाप्त नहीं हुआ है। आप मुझे उठने का आह्वान करते हैं। आप मेरे आगे चलते हैं। मुझे बस आपकी तरह उठना है और आपके पदचिह्नों का अनुसरण करना है।
मौन प्रार्थना:
अगुआ: हे प्रभु, हम पर दया कर!
सब: हम पर दया कर!
अगुआ: हे ख्रीस्त, हम आपकी आराधना करते, और आपको धन्य मानते हैं।
सब: क्योंकि आपने अपने पवित्र क्रूस द्वारा दुनिया को बचाया है।
पाठक: लोगों की भारी भीड़ उनके पीछे-पीछे चल रही थी। उन में नारियाँ भी थीं, जो अपनी छाती पीटते हुए उनके लिए विलाप कर रही थी। येसु ने उनकी ओर मुड़ कर कहा, "येरूसालेम की बेटियो ! मेरे लिए मत रोओ। अपने लिए और अपने बच्चों के लिए रोओ।'" (लूकस 23:27-28)
अगुआ: हे प्रभु, उन महिलाओं की सहानुभूति सच्ची थी, जिन्होंने आपको दुखित अवस्था में देखा और आपके लिए रोईं। अपने दुःख और पीड़ा के बीच भी आपने उनके लिए समय निकाला और उन्हें आगामी विपत्ति से आगाह किया। आज भी आप हमें यही संदेश देते हैं - केवल भावनात्मक आँसू पर्याप्त नहीं, बल्कि हमें अपने पापों पर सच्चा पश्चाताप होना चाहिए। मुझे कृपा दीजिए कि मैं अपने पापों पर सच्चा पश्चाताप करूँ और आपके प्रेम में पुनः लौट आऊँ।
मौन प्रार्थना:
अगुआ: हे प्रभु, हम पर दया कर!
सब: हम पर दया कर!
अगुआ: हे ख्रीस्त, हम आपकी आराधना करते, और आपको धन्य मानते हैं।
सब: क्योंकि आपने अपने पवित्र क्रूस द्वारा दुनिया को बचाया है।
पाठक: "थके-माँदे और बोझ से दबे हुए लोगो! तुम सभी मेरे पास आओ। मैं तुम्हें विश्राम दूँगा। मेरा जूआ अपने ऊपर ले लो और मुझ से सीखो। मैं स्वभाव से नम्र और विनीत हूँ। इस तरह तुम अपनी आत्मा के लिए शान्ति पाओगे, क्योंकि मेरा जूआ सहज है और मेरा बोझ हल्का। (मत्ती 11:28-30)
अगुआ: हे प्रभु, आप तीसरी बार गिर गए! क्रूस वाकई में बहुत भारी था, और मार्ग बहुत ही कठिन। यह आपके लिए कितना अपमानजनक रहा होगा, आप जो मृतकों को जीवन देते थे, खुद इस भार से गिर गए। मेरा बार-बार गिरना मुझे यह समझने में मदद करे कि मैं कितना निर्बल हूँ और मुझे आपकी कितनी आवश्यकता है। आपके बिना मैं कुछ भी नहीं कर सकता!
मौन प्रार्थना:
अगुआ: हे प्रभु, हम पर दया कर!
सब: हम पर दया कर!
अगुआ: हे ख्रीस्त, हम आपकी आराधना करते, और आपको धन्य मानते हैं।
सब: क्योंकि आपने अपने पवित्र क्रूस द्वारा दुनिया को बचाया है।
पाठक: "सिर से पैर तक कोई स्थान स्वस्थ नहीं रहा - केवल चोट, साँट और रक्त बहते घाव। उनका न तो मवाद पोंछा गया, न उन पर पट्टी बाँधी गयी और न तेल लगाया।" (इसायाह 1:6)
"उन्होंने आपस में कहा, 'हम इसे नहीं फाडें। चिट्ठी डालकर देख लें कि यह किसे मिलता है।' यह इसलिये हुआ कि धर्मग्रंथ का यह कथन पूरा हो जाये- 'उन्होंने मेरे कपडे आपस में बाँट लिये और मेरे वस्त्र पर चिट्ठी डाली।' सैनिकों ने ऐसा ही किया।" (योहन 19:24)
अगुआ: हे प्रभु, आप सब कुछ त्याग कर, उस उन्मादी भीड़ के सामने निर्वस्त्र खड़े हैं। जब आप जन्मे थे, तब आपको कपड़े में लपेटा गया था, और अब, जब आप मरने जा रहे हैं, तब आपके पास कुछ भी नहीं बचा, तन ढंकने के लिए कपड़े का एक टुकड़ा भी नहीं। मुझे कृपा दीजिए कि मैं सांसारिक चीज़ों से मोह न करूँ। मुझे अभिमान, वासनाओं, पूर्वाग्रहों, सत्ता और संपत्ति के मोह से मुक्त कीजिए, ताकि मैं केवल आपसे लिपटा रहूँ।
मौन प्रार्थना:
अगुआ: हे प्रभु, हम पर दया कर!
सब: हम पर दया कर!
अगुआ: हे ख्रीस्त, हम आपकी आराधना करते, और आपको धन्य मानते हैं।
सब: क्योंकि आपने अपने पवित्र क्रूस द्वारा दुनिया को बचाया है।
पाठक: "वे मेरे हाथ-पैर छेद रहे हैं। मैं अपनी एक-एक हड्डी गिन सकता हूँ। वे मुझे देखते और घूरते रहते हैं।" (भजन संहिता 22:17-18)
"मैं केवल हमारे प्रभु येसु मसीह के क्रूस पर गर्व करता हूँ। उन्हीं के कारण संसार मेरी दृष्टि में मर गया है और मैं संसार की दृष्टि में।" (गलातियों 6:14)
अगुआ: हे प्रभु, सैनिकों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए तेरे पावन हाथों और पैरों को भारी कीलों से क्रूस पर ठोंक दिया। जिन हाथों ने भूखों को भोजन दिया, समुद्र को शांत किया, मरे हुओं को जीवन दिया—आज वे क्रूस पर जकडे हुए हैं। भीड़ चिल्ला रही है, "क्रूस से नीचे उतर आओ!" लेकिन आप नहीं उतरना चाहते, आप तो क्रूस पर चढ़कर विजयी होना चाहते हैं।
मौन प्रार्थना:
अगुआ: हे प्रभु, हम पर दया कर!
सब: हम पर दया कर!
अगुआ: हे ख्रीस्त, हम आपकी आराधना करते, और आपको धन्य मानते हैं।
सब: क्योंकि आपने अपने पवित्र क्रूस द्वारा दुनिया को बचाया है।
पाठक: हे प्रभु, आपने हमें जीना सिखाया, और अब मरना भी सिखा रहे हैं। आप अपने प्राण पिता के हाथों में सौंपते हैं। आप अपना पूरा जीवन, अपनी सेवा, अपना मिशन पिता को समर्पित करते हैं। आप हमें सिखाते हैं कि हर दिन हमें भी अपने जीवन को ईश्वर के हाथों में सौंपना चाहिए। समर्पण ही शांति की कुंजी है।
हे प्रभु, मैं नहीं जानता कि मेरी मृत्यु कब, कहाँ और कैसे होगी। मुझे हर क्षण ऐसे जीने दीजिए मानो यह मेरा अंतिम क्षण हो।
मौन प्रार्थना:
अगुआ: हे प्रभु, हम पर दया कर!
सब: हम पर दया कर!
अगुआ: हे ख्रीस्त, हम आपकी आराधना करते, और आपको धन्य मानते हैं।
सब: क्योंकि आपने अपने पवित्र क्रूस द्वारा दुनिया को बचाया है।
पाठक: "तुम्हारा प्रियतम कहाँ गया? तुम्हारा प्रियतम किस ओर मुड़ा, जिससे तुम्हारे साथ हम भी उसे ढूँढ़े?" (श्रेष्ठगीत 6:1)
अगुआ: हे प्रभु, आपने क्रूस पर अपने प्राण त्याग दिए, और अब आपको वहाँ से उतारकर आपकी माता की गोद में रखा गया। जब आप जन्मे थे, तब माता मरियम ने आपको गोद में लिया था। उन्होंने आपके साथ आपकी पूरी यात्रा में साथ दिया। क्रूस के रास्ते पर भी वे आपके साथ थीं। अब जब आप निष्प्राण पड़े हैं, तो वे आपको अपनी गोद में लेती हैं।
माँ मरियम क्रूस के नीचे खड़ी रहीं—वे डगमगाईं नहीं, वे गिरी नहीं, वे विचलित नहीं हुईं। वह एक गहरे विश्वास वाली नारी थीं, इसलिए उन्होंने सब कुछ सह लिया।
हे प्रभु, धन्यवाद कि आपने अपनी माँ को मेरी माँ के रूप में दिया। यह कलवारी से आपकी अंतिम भेंट थी।
मौन प्रार्थना:
अगुआ: हे प्रभु, हम पर दया कर!
सब: हम पर दया कर!
अगुआ: हे ख्रीस्त, हम आपकी आराधना करते, और आपको धन्य मानते हैं।
सब: क्योंकि आपने अपने पवित्र क्रूस द्वारा दुनिया को बचाया है।
पाठक: "उन्होंने येसु का शव लिया और यहूदियों की दफन की प्रथा के अनुसार उसे सुगंधित द्रव्यों के साथ छालटी की पट्टियों में लपेटा। जहाँ येसु कू्स पर चढाये गये थे, वहाँ एक बारी थी और उस बारी में एक नयी कब्र, जिस में अब तक कोई नहीं रखा गया था। उन्होंने येसु को वहीं रख दिया, क्योंकि वह यहूदियों के लिये तेयारी का दिन था और वह कब्र निकट ही थी।" (योहन 19:40-42)
अगुआ: हे प्रभु, मैंने कई अंतिम संस्कार देखे हैं, कब्रस्थानों में गया हूँ। आखिर मनुष्य को कितनी ज़मीन चाहिए? केवल छह फुट लंबी और चार फुट चौड़ी! हम अपने प्रियजनों से विदा लेना नहीं चाहते, लेकिन हमें यह सीखना होगा। हमें अपनी वस्तुओं और सांसारिक चीज़ों को छोड़ना होगा। खाली हाथ आए थे, खाली हाथ ही जाना होगा। हे प्रभु, मुझे त्याग और विदाई का यह कठिन पाठ सिखाइए ताकि मृत्यु का क्षण मेरे लिए पुनरुत्थान का क्षण बन जाए।
मौन प्रार्थना:
अगुआ: हे प्रभु, हम पर दया कर!
सब: हम पर दया कर!
अगुआ: हे प्रभु, आपके क्रूस के मार्ग पर चलना मेरे लिए एक सौभाग्य रहा। आप आगे-आगे चल रहे थे, और मैं आपके पीछे।
हे प्रभु, कृपया आप मुझसे बहुत आगे मत चले जाइए, जिससे कि मैं आपका अनुसरण न कर सकूँ। और मुझसे बहुत पीछे भी मत रहिए, जिससे कि मैं आगे न बढ़ जाऊँ।
बल्कि मेरे साथ चलिए, मेरे साथ रहिए, जीवन की साँझ हो रही है, हे प्रभु मेरे साथ रहिये, ये रास्ता बडा कठिन है, चुनौतियाँ बड़ी हैं, और शत्रु घात में बैठे हैं, पर आप हे प्रभु जब मेरे साथ हैं तो मैं किसी बला से न डरूंगा। मैं जानता हूँ कि आप मुझे पुनरुत्थान की विजय दिलाएंगे। आमेन।
अगुआ: हे पिता हमारे…
अगुआ: प्रणाम मरिया…
अगुआ: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर।
सब: आमेन।