1जब सनबल्लट और टोबीयाह तथा अरबांे, अम्मोनियों और अशदोद के निवासियों ने यह सुना कि येरूसालेम की चारदीवारी की मरम्मत ठीक चल रही है और उसकी दरार भरी जा रही है, तो उन्हें बड़ा क्रोध हुआ। 2उन सबों ने येरूसालेम के विरुद्ध लड़ने और वहाँ उपद्रव करने के लिए षड्यंत्र रचा। 3परन्तु हमने अपने ईश्वर से प्रार्थना की और काम को शत्रुओं से सुरक्षित रखने के लिए दिन-रात पहरेदारों को नियुक्त किया। 4यूदावंशी कहते थेः "बोझ ढोने वाले थक गये हैं। मलबा अधिक है। हम दीवार उठाने में असमर्थ होंगे।" 5उधर हमारे विरोधियों ने सोचा कि "जब तक हम उनके बीच न घुसें, तब तक उन्हें न तो इसका पता लगेगा और न वे हमें देख सकेंगे। इसके बाद हम उनका वध करेंगे और उनका काम रोकेंगे।" 6उनके पास रहने वाले यहूदी आ कर हम से दसियों बार कर चुके थे, "जहाँ-जहाँ से आप आये हुए हैं, वे वहाँ-वहाँ से आप पर आक्रमण करने आयेंगे"। 7इसलिए मैंने नगर के निचले असुरक्षित भागों में, दीवार के भीतर लोगों को खड़ा किया। मैंने उन्हें घरानों के अनुसार तलवारें, भाले और धनुष लिये तैयार रखा । 8मैंने उ़ठ कर चारों ओर दृष्टि डाली और कुलीनों, पदाधिकारियों तथा अन्य लोगों से कहा, "आप उन से नहीं डरें। आप महान् और भीषण प्रभु को याद रखें और यह न भूलें कि आप अपने भाइयों, पुत्रों, पुत्रियों, पत्नियों और घरों के लिए युद्ध करते हैं।" 9जब हमारे विरोधियों को यह पता चला कि हम उनका षड्यन्त्र जान गये हैं और ईश्वर ने उसे असफल कर दिया है, तो हम में से प्रत्येक व्यक्ति फिर दीवार पर जा कर अपने काम में लग गया। 10उस दिन से मेरे आदमियों में से आधे लोग काम करते और आधे अपने नेताओं के साथ बरछे, ढाल और धनुष लिये तथा कवच पहने काम करने वाले यूदावंशियों के पीछे रक्षार्थ तैयार रहते थे। 11चारदीवारी बनानेवाले और बोझा ढोने वाले एक हाथ से काम करते और दूसरे में शस्त्र लिये रहते। 12काम करने वाले काम करते समय अपनी कमर में अपनी तलवार कसे रहते। सिंगा बजाने वाला मेरे साथ रहता। 13मैंने कुलीनों, पदाधिकारियों और अन्य लोगों से कहा, "यह काम भारी और लम्बा-चोड़ा है। हम दीवार पर इधर-उधर फैले हुए और एक दूसरे से दूर हैं। 14आप जिस स्थान से सिंगे की ध्वनि सुनें, वहीं आ कर हमारे पास एकत्रित हो जायें। हमारा ईश्वर हमारे लिए लड़ेगा।" 15इस प्रकार हम काम करते रहते और इस समय हम में से आधे लोग उषाकाल से तारे दिखाई देने तक भाले लिए तैयार रहते। 16उस समय मैंने लोगों को यह आज्ञा दी कि प्रत्येक व्यक्ति अपने नौकरों के साथ येरूसालेम में ही रात बिताये। इस तरह वे रात को पहरेदारों का काम करें और दिन में कारीगरों का। 17मैं, मेरे भाई-बन्धु, मेरे आदमी और मेरे साथ के पहरेदार-सब ने कपड़े तक नहीं उतारे। हर व्यक्ति अपने हाथ में हथियार लिये रहा।